Tuesday, March 8, 2011

समाज की ज्वलन्त समस्याए Burning Problems of the Society

                                                  प्रार्थना
          जिनके सातों चक्र अर्थात् पूर्ण कुण्डलिनी शक्ति जाग्रत हैं, जिनका अवतरण ही इस कलयुग की भयावहता के बीच सतयुग की स्थापना हेतु हुआ है, जिन पर माता भगवती जगत् जननी जगदम्बा जी की इतनी कृपा है कि वे प्रत्यक्ष रूप से प्रतिदिन दर्शन देती हैं। ऐसे सद्गुरुदेव युग चेतना पुरुष परमहंस योगीराज  श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के पावन चरण कमलों में मेरा कोटि-कोटि साष्टांग प्रणाम।
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                                                      जापान में विनाश लीला

दिनांक 11 मार्च 2011 को प्रातः 05ः46 बजे जापान में अब तक का सबसे भयंकरतम भूकम्प आया। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 8.9 थी। इसका एपीसेन्टर प्रशांत महासागर की तली में बताया जा रहा है। इससे सागर में उग्र सुनामी उत्पन्न हुई, जिसके फलस्वरूप जापान के उत्तर-पूर्वी तट पर विनाश का ताण्डव उत्पन्न हुआ। सुनामी लहरों की ऊंचाई 20 से 30 फुट तक थी। इससे 40 लाख मकान क्षतिग्रस्त होेने के समाचार हैं। सुनामी की लहरों की तीव्रता इतनी थी कि कार, ट्रक, बसें और छोटी समुद्री नावें खिलौनों की तरह पानी में तैर रही थीं। पूरा सुमद्र तट कारों, नावों और मकानों के मलबे से पटा पड़ा था। इस कारण लोगों तक राहत सामग्री नहीं पहुंच पा रही थी। अब, न तो लोगों के पास सिर ढकने के लिये छत है और न ही भूख-प्यास मिटाने के लिये भोजन, पानी।
सेन्दई बन्दरगाह पानी में पूरी तरह डूब गया था। चारों तरफ हा-हाकार मचा था। इस तबाही से बचने के लिये लोग घरों की छतों पर चढ़े हुए मदद के लिये चिल्ला रहे थे, परन्तु उनकी सुनने वाला वहां पर कोई नहीं था। अब तक 10 हजार से भी अधिक लोगों के मरने की खबरे आ चुकी है। टोक्यो में मोबईल नेटवर्क पूरी तरह ठप्प हो गया था। टोक्यो से केवल 250 कि.मी. उत्तर में स्थित फुकुशिमा परमाणु संयंत्र के रियेक्टर नं. 1 में विस्फोट हो गया था और रेडियोधर्मी रिसाव होने लगा । नवीनतम जानकारी के अनुसार, दिनांक 14.11.2011 को रियेक्टर नं. 3 में गर्मी बढ़ने के कारण हाइड्रोजन ब्लास्ट हो गया। साथ रियेक्टर नं. 2 में भी गर्मी बढ़ने की वजह से कूलेण्ट समाप्त हो गया है। इसलिए यहां पर किसी भी तरह की घटना घटित हो सकती है। ओनागावा परमाणु रियेक्टर में भी कूलिंग सिस्टम ठप्प हो गया है तथा टोहुकू थर्मल प्लांट में तेल टैंक फट गया है। इस प्रकार, परमाणु संयंत्र से रेडियोधर्मी रिसाव के कारण लोगों की जान के लिये नया जोखिम उत्पन्न हो गया है। इसीलिए, जापान सरकार ने अपने पांचों परमाणु संयंत्रों पर आपातकाल लगा दिया है और ‘राष्ट्रव्यापी परमाणु अलर्ट’ घोषित कर दिया है। सरकार ने लोगों को संयत्रों से कम से कम 20 कि.मी. दूर रहने की हिदायत दी है साथ ह
जापान के इतिहास में, यह अब तक की सबसे भीषणतम प्राकृतिक आपदा है। विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं ने विपत्ति की इस घड़ी में विश्व समुदाय से जापान के लिये मदद की गुहार लगाई है। जो संस्थाए वहां पर राहत कार्य कर रही हैं, उनमें रेडक्रॉस, शेल्टरबॉक्स, इन्टरनेशनल मेडिकल कॉर्प्स ग्लोबल गिविंग डॉट ओआरजी तथा साल्वेशन आर्मी मुख्य हैं।
जापान में आए इस विनाशकारी भूकम्प के बाद धरती इतनी हिली कि दिन थोड़ा सा छोटा हो गया। पृथ्वी की अपनी धुरी पर चक्कर लगाने की गति 1.6 माइक्रोसेकेण्ड बढ़ गई। 1 माइक्रोसेकेण्ड, 1 सेकेण्ड का 10 लाखवां हिस्सा होता है।
         आज दिनांक 14.3.2011 को पुनः नया भूकंप आया जिसकी तीव्रता 6.3 नापी गई, जिससे बहुत ज्यादा क्षति के समाचार नहीं हैं, आज भी मलबे से लाशे निकाली जा रहीं हैं।


यदि आप जापानवासियों को आर्थिक सहायता देना चाहते हैं, तो......
          जापानवासियों को राहत देने के लिये आर्थिक सहायता उपर्युक्त संस्थाओं के माध्यम से दी जा सकती हैं।


रेडक्रॉस- जापान की रेडक्रॉस सोसायटी के पास अभी तक 11 देशों की सोसायटियों से मदद पहुंच चुकी है। रेडक्रॉस अपनी वेबसाइट पर ऑनलाइन या फोन बैंकिग पर मदद स्वीकार करती है। फोन बैंकिंग इस्तेमाल करने वाले अंग्रजी में कैपिटल लैसर्ट में रेडक्रॉस लिख कर 90999 पर न्यूनतम 10 डॉलर (करीब 450 रुपये) भेज सकते हैं। एक सेकेेंड के भीतर ‘यस’ के रूप में पुष्टि हो जायेगी।


शेल्टरबॉक्स- युनाइटेड किंगडम स्थित इस संगठन के 18 अंतरराष्ट्रीय सहयोगी है। भूकंप और सुनामी में मदद के लिय यह संगठन काम करता है। ऑन लाइन आर्थिक मदद लेता है। यह संगठन जहां दरकार होती है, वहां पीड़ितों को रिहायश और अन्य तात्कालिक सुविधाएं मुहैया कराता है। साइट पर ‘डोनेट’ क्लिक करें।
इंटरनेशनल मेडिकल कॉर्प्स- आपात सेवाओं के लिये बने इस गैर लाभकारी ग्लोबल सगठन की साइट पर दान दिया जा सकता है। इसमें अपने बारे में भी सूचना दर्ज करना होती है।


ग्लोबल गिविंग डॉट ओआरजी- यह गैर लाभकारी संगठन ऑनलाइन और फोन द्वारा आर्थिक मदद स्वीकारता है। साइट के अतिरिक्त फोन पर आप अंग्रेजी के कैपिटल लैटर्स में सुनामी लिख कर 50555 पर रकम भेज सकते हैं।


साल्वेशन आर्मी- राहत कार्यों में सक्रिय इस ग्लोबल संगठन की शाखा टोक्यो में सक्रिय हो चुकी है। यह खास तौर पर लोगों की रिहायश से संबंधित काम करती है। अंग्रजी में कैपिटल लैटर्स में जापान या क्वेक लिख कर से 10 डॉलर की मदद मोबाईल बैंकिंग से भेजी जा सकती है। नंबर है- 80888